टोपोलॉजी क्या है यह कितने प्रकार होते हैं? – Topology Kya Hai In Hindi

एक नेटवर्क में बहुत सारे कंप्यूटर आपस में जुड़े रहते हैं जो किसी ना किसी तरीके से आपस में एक दूसरे से जुड़े रहते हैं बहुत सारे Computers के इसी प्रकार के नेटवर्क को Topology कहते हैं।

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको टोपोलॉजी क्या है(Topology Kya Hai In Hindi ), टोपोलॉजी से आप क्या समझते हैं, नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है, बस टोपोलॉजी क्या है और टोपोलॉजी के प्रकार कितने होते हैं आदि के बारे में समझाने का प्रयास करेंगे।

टोपोलॉजी क्या है – What Is Topology In Hindi

किसी नेटवर्क की आकृति या लेआउट को टोपोलॉजी कहते हैं नेटवर्क में विभिन्न Node किस प्रकार से एक दूसरे से जोड़े जाएंगे, और वह आपस में किस प्रकार से एक दूसरे के साथ कम्युनिकेशन स्थापित करेंगे आदि उस नेटवर्क की टोपोलॉजी के द्वारा ही निर्धारित किया जाता है।

Topography फिजिकल या लॉजिकल हो सकती है दो या दो से ज्यादा Computers को आपस में जोड़ने और उनमें Data Flow कराने की विधि को Topology कहा जाता है।

किसी भी नेटवर्क में कंप्यूटर के Geometric Arrangement को भी टोपोलॉजी के रूप में जाना जाता है Topology शब्द वास्तव में ग्रीक भाषा के दो शब्द Topo और Logy से मिलकर बना है जहां पर Topo का मतलब होता है स्थान और Logy का मतलब होता है अध्ययन।

अगर हम कंप्यूटर नेटवर्क के हिसाब से Topology के अर्थ को समझते हैं तो यह दर्शाता है कि किस तरह एक Network, फिजिकली कनेक्ट होता है और उस नेटवर्क में किस तरीके से सूचना का Logically Flow होता है।

Topology के बारे में सामान्य जानकारी के बाद अब हम लेख में आगे बढ़ते हैं और इसके संबंध में अन्य जानकारी बताते हैं।

नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है – What Is Network Topology In Hindi 

Network Topology, भौतिक रूप के साथ-साथ तार्किक रूप से भी नेटवर्क के लेआउट, संरचना या फिर आभासी आकार को परिभाषित करती है। एक नेटवर्क में एक समय पर सिर्फ एक फिजिकल और एक से ज्यादा लॉजिकल टोपोलॉजी हो सकते हैं।

टोपोलॉजी से आप क्या समझते हैं?

दो या दो से ज्यादा कंप्यूटरों को आपस में जोड़ने का तरीका ही नेटवर्क की टोपोलॉजी कहा जाता है Computers को आपस में जोड़कर उनके बीच Data Flow करने की विधि ही टोपोलॉजी कहलाती है।

नेटवर्क टोपोलोजी कितने प्रकार की होती है 

Network Topology को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया गया है-

  • Physical Topology
  • Logical Topology

1. Physical Topology

फिजिकल टोपोलॉजी से पता चलता है कि किस तरीके से कंप्यूटर्स या नोड्स एक दूसरे से जुड़े होते हैं। यह अलग-अलग तत्वों की एक व्यवस्था होती है जिसमें डिवाइस स्थान और कंप्यूटर नेटवर्क की Node स्थापना करना शामिल होती है।

2. Logical Topology

एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर के बीच सूचना या डाटा के प्रवाह को लॉजिकल टोपोलॉजी के द्वारा दर्शाया जाता है। यह नेटवर्क प्रोटोकोल के लिए बेहद जरूरी होता है और परिभाषित करता है कि पूरे नेटवर्क में डाटा किस प्रकार स्थानांतरित किया जाएगा।

लॉजिकल टोपोलॉजी को अगर आसान भाषा में समझे तो यह वो तरीका होता है जिसमें उपकरण आंतरिक रूप से Transmission करते हैं।

टोपोलॉजी के प्रकार कितने होते हैं

दोस्तों Network Topology के कई प्रकार होते हैं उनके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है।

  • Bus Topology
  • Star Topology
  • Ring Topology
  • Mesh Topology
  • Tree Topology
  • Hybrid Topology

1. रिंग टोपोलॉजी(Ring Topology)

इस प्रकार की टोपोलॉजी में कोई कंप्यूटर होस्ट या मुख्य कंप्यूटर नहीं होता है इस नेटवर्क टोपोलॉजी में सभी कंप्यूटर एक गोलाकार व्यवस्था में जुड़े रहते हैं।

हर एक कंप्यूटर अपने अधीनस्थ कंप्यूटर से जुड़ा होता है लेकिन इस Topology में कोई भी कंप्यूटर सर्वर नहीं होता है।

Ring Topology Network में बहुत साधरण गति से डेटा का आदान प्रदान किया जाता है और एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा प्राप्त करने पर उनके बीच के कंप्यूटरों को यह निर्धारित करना होता है कि वह डांटा उनके लिए है या नहीं।

अगर वह डाटा उस कंप्यूटर के लिए नहीं होता है तो उस डाटा को अन्य कंप्यूटर के लिए आगे कर दिया जाता है।

रिंग टोपोलॉजी के लाभ

  • यह नेटवर्क ज्यादा कुशलता के साथ काम करता है क्योंकि इसमें कोई Controlling Computer नहीं होता है।
  • यह नेटवर्क किसी एक कंप्यूटर पर निर्भर नहीं होता है इसलिए यह स्टार टोपोलॉजी से अधिक विश्वसनीय है।
  • रिंग टोपोलॉजी में अगर एक लाइन के कंप्यूटर काम करना बंद कर देते हैं तो दूसरी दिशा के लाइन के कंप्यूटर के द्वारा काम करना शुरू कर दिया जाता है।

रिंग टोपोलॉजी के नुकसान 

  • इस नेटवर्क में गति कंप्यूटरों पर निर्भर करती है अगर कंप्यूटर ज्यादा है तो गति कम होगी और अगर कंप्यूटर कम है तो गति ज्यादा होगी।
  • यह स्टार नेटवर्क टोपोलॉजी की तुलना में बहुत कम प्रचलित है।
  • इस नेटवर्क पर काम करने के लिए जटिल सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है।

2. बस टोपोलॉजी(Bus Topology)

इस टोपोलॉजी में सिर्फ एक ही तार का इस्तेमाल किया जाता है और उसी की मदद से सभी कंप्यूटरों को आपस में जोड़ा जाता है।

जिस तार की मदद से इस टोपोलॉजी का निर्माण किया जाता है उसके प्रारंभिक और अंतिम सिरे पर एक डिवाइस लगी होती है जिसे Terminator कहते हैं।

Bus Topology में Terminator का काम Signals को नियंत्रित करना होता है।

बस टोपोलॉजी के लाभ

  • बस टोपोलॉजी को Install करना बहुत आसान होता है।
  • स्टार टोपोलॉजी और ट्री टोपोलॉजी की तुलना में बस टोपोलॉजी में कम केबिल की जरुरत होती है।

बस टोपोलॉजी के नुकसान

  • इस नेटवर्क में अगर कोई एक कंप्यूटर खराब हो जाता है तो सारा डाटा संचार रुक जाता है।
  • बाद में किसी कंप्यूटर को जोड़ना बहुत ज्यादा कठिन होता है।

3. स्टार टोपोलॉजी (Star Topology)

इस तरह की नेटवर्क टोपोलोजी में एक मुख्य कंप्यूटर होता है जिसे सीधे अलग-अलग लोकल Computers से जोड़ दिया जाता है।

Local Computers आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए नहीं रहते हैं इन्हें एक मुख्य कंप्यूटर से जोड़ा जाता है जिसे होस्ट या कंट्रोल कंप्यूटर कहते हैं।

Host Computer के द्वारा ही पूरे के पूरे नेटवर्क को नियंत्रित किया जाता है और उसमें डाटा संचार किया जाता है।

स्टार टोपोलॉजी के लाभ

  • इस टोपोलॉजी में एक कंप्यूटर को होस्ट कंप्यूटर से जोड़ने में अपेक्षाकृत कम लागत आती है।
  • इस टोपोलॉजी में अगर लोकल कंप्यूटर्स की संख्या बढ़ाई जाती है तो डाटा ट्रांसमिशन की गति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
  • अगर कोई लोकल कंप्यूटर खराब हो जाता है तो इससे पूरे नेटवर्क पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

स्टार टोपोलॉजी के नुकसान

  • यह टोपोलॉजी पूरी तरीके से होस्ट कंप्यूटर पर निर्भर करती है अगर होस्ट कंप्यूटर खराब हो जाता है तो संपूर्ण नेटवर्क फेल हो जाता है।

4. मेश टोपोलॉजी(Mesh Topology)

इस टोपोलॉजी को संक्षिप्त में मेश नेटवर्क या मेश भी कहा जाता है दोस्तों यह एक ऐसी नेटवर्क टोपोलॉजी होती है जिसमें Devices और Nodes के मध्य कई अतिरिक्त उपकरण Interconnections से जुड़े रहते हैं।

साधारण शब्दों में कहा जाए तो Mesh Topology में हर एक Node नेटवर्क के अन्य सभी Node से जुड़ा रहता है इस टोपोलॉजी में सभी कंप्यूटर कहीं ना कहीं एक दूसरे से Connect रहते हैं।

सभी कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़े रहने की वजह से ही बहुत आसानी से सूचना का आदान प्रदान हो जाता है Mesh Topology में कोई कंप्यूटर Host नहीं होता।

मेश टोपोलॉजी के लाभ

  • एक Node से बाकी Node को डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है।
  • इस टोपोलॉजी की स्पीड काफी अच्छी होती है।

मेश टोपोलॉजी के नुकसान 

  • सभी Nodes को Connect करने के लिए अधिक केबल की जरूरत होती है जिससे खर्चा बढ़ जाता है।
  • एक Node से दूसरे Node तक डाटा भेजने के लिए कई सारे Path बन जाते हैं।

5. ट्री टोपोलॉजी( Tree Topology)

Star Topology और Bus Topology दोनों को मिलाकर Tree Topology का निर्माण किया जाता है इसमें स्टार टोपोलॉजी की भांति एक होस्ट कंप्यूटर होता है।

और बस टोपोलॉजी की भांति बाकी सभी अन्य कंप्यूटर एक ही केबल से जुड़े रहते हैं यह नेटवर्क टोपोलॉजी एक पेड़ की तरह दिखाई देती है।

ट्री टोपोलॉजी के लाभ

  • हर एक Segment के लिए अलग से Point Wire बिछाया जाता है।
  • बहुत से सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर विक्रेताओं के द्वारा इस नेटवर्क टोपोलोजी का समर्थन किया जाता है।

ट्री टोपोलॉजी के नुकसान

  • हर एक Segment की कुल लंबाई प्रयोग में लाए जाने वाले तार के द्वारा सीमित होती है।
  • अगर Back Bone Line टूट जाती है तो पूरा सेगमेंट रुक जाता है।
  • अन्य नेटवर्क टेक्नोलॉजी के मुकाबले इसमें तार बिछाना और उसे Configure करना मुश्किल होता है।

6. हाइब्रिड टोपोलॉजी(Hybrid Topology)

जैसा कि नाम से पता चल रहा है कि यह टोपोलॉजी दो या दो से अधिक अलग-अलग प्रकार की टोपोलॉजी से मिलकर बनी होती है।

इस प्रकार की टोपोलॉजी में विभिन्न प्रकार की टोपोलॉजी का संयोजन होता है इसी वजह से इस नेटवर्क टोपोलॉजी को हाइब्रिड टोपोलॉजी कहते हैं।

Hybrid Topology में डाटा का आदान प्रदान करने के लिए अलग-अलग Nodes और Links के बीच Connection होता है जो डाटा ट्रांसफर को आसान बनाता है।

हाइब्रिड टोपोलॉजी के लाभ

  • इस टोपोलॉजी में डाटा प्रवाह की दर किसी अन्य टोपोलॉजी की तुलना में सबसे अधिक होती है।
  • इस टोपोलॉजी का इस्तेमाल करके डाटा ट्रांसफर की उच्च दर प्राप्त की जा सकती है।
  • इसमें Errors को Detect करना आसान होता है।
  • यह High Traffic को बहुत आसानी से Handle कर सकती है।

हाइब्रिड टोपोलॉजी के नुकसान

  • इस तरह की Topology को बनाने में अपेक्षाकृत अधिक खर्च आता है।
  • इसे इस्तेमाल करना भी कठिन होता है क्योंकि यह अलग-अलग टोपोलॉजी से मिलकर बनी होती है।

नेटवर्क टोपोलॉजी का क्या महत्व है?

Network Topology इतनी ज्यादा महत्वपूर्ण क्यों होती है इसके बारे में कुछ बिंदुओं के आधार पर नीचे बताया गया है।

  • किसी भी नेटवर्क के सही तरीके से काम करने में यह बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • यह Network Concepts को सही तरीके से समझने में मदद करती है।
  • इसकी मदद से Operational और Maintenance लागत को कम किया जा सकता है।
  • Network Topology का इस्तेमाल करके किसी भी गलती या त्रुटि का पता लगाना आसान हो जाता है।
  • इसकी मदद से Networking Components का उचित ढंग से प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।

टोपोलॉजी का उद्देश्य क्या है?

  • टोपोलॉजी के द्वारा किसी भी नेटवर्क का लेआउट निर्धारित किया जाता है जिसमें कंप्यूटरों को आपस में जोड़ने के लिए सर्व डेटाफ्लो की विधि इस्तेमाल की जाती है।
  • कंप्यूटरों की ऐसी व्यवस्था करना जो बिना किसी बाधा के डाटा का आदान-प्रदान करता रहे, यह टोपोलॉजी का ही काम होता है।

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सबसे सस्ती टोपोलॉजी कौन सी है?

बस टोपोलॉजी सबसे सस्ती टोपोलॉजी है इस टोपोलॉजी की मदद से नेटवर्क का निर्माण करना बहुत आसान होता है।

यह टोपोलॉजी मेक्रम के बल के प्रयोग पर आधारित होती है इस टोपोलॉजी का निर्माण करने में सबसे कम लागत आती है।

सबसे महंगी टोपोलॉजी कौन सी है?

Hybrid Topology, सबसे महंगी टोपोलॉजी है क्योंकि इस टोपोलॉजी को बनाने में कई अलग-अलग टोपोलॉजी शामिल की जाती हैं इस वजह से यह बहुत महंगी होती है।

सबसे अच्छी टोपोलॉजी कौन सी है?

स्टार टोपोलॉजी को सबसे अच्छी टोपोलॉजी माना जाता है इस प्रकार की नेटवर्क टोपोलोजी में सभी उपकरण और कंप्यूटर एक Central Host के द्वारा अलग-अलग तरह की केबल के माध्यम से जुड़े रहते हैं।

Central Host को Host Node भी कहते हैं जो मुख्य रूप से एक सर्वर का काम करता है इसमें जो भी इंफॉर्मेशन देनी होती है वह इसी नेटवर्क में शेयर करता है।

Topology Important क्यों है

  • कुछ स्थानिक कार्यों के लिए टोपोलॉजी बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है जैसे किसी Linear Network के माध्यम से Network Routing करना।
  • गुणवत्ता नियंत्रण करने के लिए और अधिक डाटा इंटीग्रेशन करने वाले Data Sets बनाने के लिए Topology का इस्तेमाल किया जाता है।
  • Topological Spaces गणित की तरह हर एक शाखा में दिखाई पड़ती है यह स्थानीय विशेषता और वस्तुओं के बीच संबंध बताती है।

Note

वैसे तो कोई भी Network Topology अपने आप में Best नहीं है यह संबंधित जगह और नेटवर्क के आकार पर निर्भर करती है।

अगर आप अपने नेटवर्क के लिए Best Topology का चुनाव करना चाहते हैं तो आपको नीचे दिए गए कुछ बिंदुओं के आधार पर टोपोलॉजी को परखना जरूरी होता है।

  • केबल की लम्बाई
  • केबल का प्रकार
  • क़ीमत
  • अनुमापकता (Scalability)

निष्कर्ष

इस लेख के द्वारा हमने आपको Topology Kya Hai In Hindi  के संबंध में हर एक जानकारी विस्तार से समझाने का प्रयास किया है साथ ही साथ हमने अलग-अलग तरह की नेटवर्क टोपोलॉजी उनके लाभ और हानि के बारे में भी आपको बताया है।

दोस्तों हम आशा करते हैं कि इस पोस्ट के माध्यम से आपको टोपोलॉजी क्या है? ( What is Topology In Hindi ) के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी और आपको इस बारे में जानने के लिए किसी दूसरे Web Page पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Topology से जुड़े इस लेख के संबंध में अगर आप कोई विचार, सुझाव या संदेह रखते हैं तो कमेंट में जरूर बताएं हम उनके बारे में जल्द ही अपडेट करेंगे।

FAQ : Topology Kya Hai In Hindi 

Q1. किस टोपोलॉजी को सबसे बेहतरीन माना गया है ?

Ans : Full Mesh topology को सबसे बेहतरीन माना गया है

Q2. सबसे तेज डांटा ट्रांसफर कौनसा है?

Ans : सबसे तेज डाटा ट्रांसफर फाइबर ऑप्टिकल का है

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